हमने पाक के खिलाफ हर जंग जीती, फिलहाल बातचीत ही रास्ता : CM महबूबा मुफ्ती

0
9

जम्मू : जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमले और पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं पर राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने चिंता जाहिर करते हुए घाटी में शांति के लिए पाकिस्तान से बात करने की सलाह दी है.

महबूबा की सलाह
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि हमने पाकिस्तान के खिलाफ हर जंग जीती है, लेकिन इस समय हमारे जवान और आम नागरिक मारे जा रहे हैं. ऐसे में घाटी में शांति कायम करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत के अलावा और कोई समाधान नहीं है. महबूबा की इस सलाह को केंद्र सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है. केंद्र ने कहा कि आतंकवाद और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकते. भारत पाकिस्तान के साथ कतई बात नहीं करेगा. उधर, घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गृहमंत्री ने रक्षा विभाग के आला अफसरों के साथ एक बैठक की है. सूत्र बताते हैं कि इस बैठक में घाटी में सुरक्षा के साथ-साथ पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने की रणनीति पर चर्चा हुई.

लोग मुझे देशद्रोही कहेंगे
सोमवार को जम्मू विधानसभा में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सेना पर हमलों की घटनाओं की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि राज्य में खूनी-खेल को रोकने के लिए पाकिस्तान से बातचीत की जरूरत है. उन्होंने कहा कि उनकी इस बात को लेकर लोग उन्हें देशद्रोही कहेंगे, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें चिंता घाटी के लोगों तथा अपने सैनिकों की है. जम्मू-कश्मीर के लोग प्रभावित हो रहे हैं. इसके लिए हमें पाकिस्तान के साथ बात करनी होगी और यही एकमात्र समाधान भी है.

केंद्र ने किया इनकार
महबूबा मुफ्ती की सलाह पर केंद्र सरकार ने कहा कि आतंकवाद और बातचीत, दोनों एकसाथ नहीं हो सकते. केंद्र ने कहा कि हम पाकिस्तान की हर हरकत का मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं. उसकी नापाक चालों के बीच बातचीत का कोई रास्ता बचता ही नहीं है.

सुंजवान में हमला
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से आतंकवादी घाटी में सुरक्षाबलों को लगातार निशाना बना रहे हैं. आतंकी संगठन सेना के शिविरों और आवासीय इलाकों में घुसकर हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इस साल इन घटनाओं में ज्यादा तेजी आई है. बीते शनिवार को भी जम्मू के सुंजवान इलाके में आर्मी कैंप को आतंकियों ने निशाना बनाया. इस घटना में सेना के 5 जवान शहीद हो गए और एक नागरिक की मौत हो गई. 10 अन्य लोग घायल भी हुए.

फारूख की पाकिस्तान को चेतावनी
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने भी इन घटनाओं पर चिंता जाहिर की. उन्होंने पाकिस्तान को घाटी में अशांति का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जितना आतंकवाद बढ़ेगा, उतनी मुसीबतें आएंगी. और उनके मुल्क (पाकिस्तान) में ज्यादा मुसीबत आएंगी. वहां कुछ नहीं बचेगा. उन्होंने कहा कि अगर यही सूरत रही तो हिंदुस्तान की हुकूमत को भी सोचना पड़ेगा की अगला कदम क्या होगा.

पहले भी की थी अपील
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पहले भी भारत-पाक के बीच फिर से वार्ता शुरू किए जाने की अपील की थी. 7 जनवरी को अनंतनाग में एक कार्यक्रम के दौरान महबूबा ने पाकिस्तान और केंद्र सरकार से कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोगों की बेहतरी के लिए दोनों देश दुश्मनी भुलाकर सुलह करें. मुफ्ती का यह बयान शनिवार को सोपोर में हुए आईईडी विस्फोट में चार पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद आया था.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की दूसरी पुण्यतिथि के मौके पर सीएम मुफ्ती ने कहा, ‘सरहद पार पाकिस्तान को भी मैं गुजारिश करती हूं, अपने मुल्क के वजीए-ए-आजम को भी गुजारिश करती हूं, जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस दलदल से निकालने के लिए. हमारे जवानों की हिफाजत के लिए, आपस में सुलह करो, बातचीत करो, दोस्ती करो.’